जीवन में कोई रास्ता ना दिखे तो ये कहानी ,,,
किसी ने सच कहा है। हम लोगो का इस्तमाल कर रहे हैं और वस्तु से प्यार कर रहे हैं
जब की वस्तु इस्तेमाल के लिए और इंसान प्यार के लिए है। एक बार एक साधु महात्मा एक नदी के तट पर घूम रहे थे। तभी उनको एक लड़का पानी में जाते दिखाई दिया। वह लड़का अदंर अंदर तक चला गया । तब साधु महात्मा ने भागते हुऐ गए और उसको बाहर निकाला
तब महात्मा ने पूछा की ये क्या कर रहे हो। जब उसने बताया कि उसपे बेहत कर्जा हुआ है। कोई काम नही और बिजनेस में काफी नुकसान हुआ है।तो महात्मा ने कहा की कोई बात नही मेरे पास बेहत पैसे आहे मै तुमारा सारा कर्जा उतार दूंगा।
यह बोलकर इसको एक अमीर सेठ के पास ले गया। और सेठ के कान में कुछ बोला तो सेठ ने 2 लाख देता हु कहा। और बोला तो 10 लाख देता हु बोला । लड़के ने सुना तो वह घबराया और बोला ये क्या कर रहे महात्मा। तो वे बोले की तुम्हारे अंग बेच रहा हु ये सेठ सब मिलाकर तुमे 50 लाख देंगे। ये सुनकर उसको अपने किए का पछतावा हुआ। तो उसको महात्मा ने कहा की तुम्हारे पास जो अनमोल शरीर हे। जब तक अप कुछ भी कर सकते हो। कितना भी बड़ा नुकसान भर सकते हे
जरासी बात के लिए अपना जीवन समाप्त मत करो मेरे दोस्त । आपको भी महात्मा जरूर मिलेंगे। लेकिन पहले आपको अपना दुःख बोलकर बताना चाहिए।तब एक नही हजार रास्ते निकल आएंगे
जीवन एक ईश्वर का एक तोफा आहे हे। इसे मत गमाओ। अपने परिवार के बारे में सोचे धन्यवाद,,,,,
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