जब सब बेकार लगने लगे । तो ये कहानी सुनो

किसीने बड़ी  कमाल की बात की है । अच्छे समय से ज्यादा अच्छे इंसान से रिश्ता रखिए, क्यू की अच्छा इंसान अच्छा वक्त ला सकता है , लेकिन अच्छा वक्त अच्छा इंसान नही ला सकता।

नमस्कार में आपके लिए एक कहानी लेकर के आया हु । गौतम बुद्ध और उनके एक  शिष्य की, बुद्ध के मठ में एक नियम था। जब भी कोई शिष्य बुद्धत्व को प्राप्त होता तो। उस शिष्य को बुद्ध आदेश देते । दूसरे गांव जाकर मठ बनाए और लोगोको प्रेरित करे उनका ज्ञान वर्चित करे ।

बुद्ध का दूसरा शिष्य बुद्ध के पास आया और कहने लगा ही। है भगवान बुद्ध क्या मैने आपसे ज्ञान नही लिया,  क्या मैने ज्ञान वर्चित नही किया ,फिर आपने मुझे आदेश क्यू नही दिया । 

तो बुद्ध ने उसे भी आदेश दिया की तुम पूर्व दिशा में जाकर के भिक्षा मांगों और लोगोको प्रेरित करो । वह शिष्य उस गांव में गया लेकिन उसे कोई भिक्षा नही दे रहा था , बल्कि उसे लोग मरने लगे ।

 उनमें से एक व्यक्ति ने उस शिष्य को भिक्षा दी वो भी । जमीन पर फेक्कर, शिष्य वापस मठ आया तो,बुद्ध ने देखा शिष्य का हाल तो बुद्ध उसे मलहम लगाया। फिर शिष्य ने बुद्ध से कहा के, आपने मुझे किस गांव में भेजा वहा सब पागल है । मुझे किसी दूसरे गांव भेजे ।

बुद्ध ने कहा कि तुम दो दिन बाद जाना । फिर बुद्ध ने अपने पहले शिष्य को बही गांव में भेजा। तो उसके साथ भी वही हुआ ,लेकिन उस गांव में एक छोटे बच्चे की हालत बेहत खराब थी ।

तो उस शिष्य ने जंगल से कुछ जड़ी बूटी लाई  और उस बच्चे का इलाज करने लगा यह देखकर बाकी गांव वाले भी उससे बड़े प्रेम से बाते करने लगे। तो फिर बह शिष्य मठ या ,तो बुद्ध ने उसे पूछा क्या हु गांव में । उस शिष्य ने  बताया कि उस गांव के लोग बेहद भोले है।

लेकिन वहा नए लोगो से बात करने से डरते है ।यह सब बाते दूसरा शिष्य ने सुनी ,

और बोला की ही बुद्ध मुझे क्षमा करे । मैने एक बार मैं उन गांव वालो को गलत मान लिया ।अगर मैं अपना अहंकार भूलकर उन गांव वालो के लिए कुछ अच्छा करता तो ।आज मेरी सोचा अच्छी होती।

संदर्भ यही है कि । हम तुरंत किसी के बारे मैं। अपनी राय ना दे। 

                                                                                    धन्यवाद.


 

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